Friday, 18 July 2014

पुराना स्कूटर....................

पुराना स्कूटर

एक पुराना स्कूटर था,
पीछे गली में रखा रहता था,
आज अचानक याद आ गया.....

याद आ गया जब वो आया था,
कितनी बड़ी बात थी,
हम सब बच्चों के लिए..........

पोछना चमकाना उसको,
पापा के दफ्तर जाने के लिए
तैयार करना उसको...........

दरवाज़ा खोलना उसके लिए
जाते हुए देखना उसे,
ओझल होने तक गेट पर खड़े रहना,

उसके आने की आवाज़ सुनकर,
सबका एक साथ दरवाज़ा खोलने भागना,
घंटों उस पर बैठे रहना,
दूसरों को बैठने न देना,
रात को उस पर तिरपाल डालना...........

कितनी सार संभाल,
जब वो नया नया आया था,
बड़ा खास था हमारे लिए,
न जाने कब क्यों,
पीछे गली में रखा गया,
अलग थलग बेवजह..........,


आज याद आया वो मुझे,
तो मन भर आया,
कितना अच्छा था वो,
वो मेरे पापा को रोज़ ध्यान से,
घर लेकर आता था,

स्कूटर की घंटी से मुझे,
आज भी वो याद आ जाता है,
मैं सब छोड़कर भागती हूँ,
दरवाज़ा खोलती हूँ,
काश! पुराना स्कूटर वो हमारा,
फिर से पापा को ले आये..................................

No comments:

Post a Comment

दृश्य

जोड़ी अच्छी है  लड़के ने पढ़ी दुर्गासप्तशती  पत्नी मनोरमाम देही, मनोवृतानुसारिणिम  लड़की ने पढ़ा संविधान  अनुच्छेद 14, 19 और 21  ...