Wednesday, 13 August 2014

मेरे ख़याल में कुछ ऐसा होता है भाई बहनों का रिश्ता...................





तेरी आशाएं उम्मीदें हैं मेरी,
तेरा दुःख मेरी तकलीफें,
मैं मुस्कुराऊं जब तू हँसे,
तेरी चाहतें ही मेरी ख्वाहिशें.......

तेरी घुटन बंदिशें हैं मेरी,
तेरी आवाज़ में अभिव्यक्त हूँ मैं,
तू सांस ले तो मैं जीउँ,
तेरी प्रार्थनाएं, मेरी गुज़रिशें....

तेरी बातों में मेरे किस्से हैं,
तेरी हिम्मत ही मेरा बल,
तेरे विश्वास से ही मैं भी हूँ,
तेरे कर्म हैं मेरी कोशिशें....

तेरे आंसू भीगी हूँ मैं,
तेरी ख़ुशी में खिली हूँ मैं,
तेरा धैर्य ही मेरा सब्र है,
तेरी नसीहतें मेरी समझाइशें......

तेरे ख़याल मेरी ही सोच है,
तेरा लक्ष्य  मेरा भी ख्वाब है,
तू आगे बढे तो सफल हूँ मैं,
तेरा साम्भव्य मेरी गुंजाइशें...

तेरी मुश्किलें परेशानियां मेरी,
तेरी लड़ाई, मेरा संघर्ष है,
तेरे निश्चय में मैं अडिग हूँ,
तेरी उलझने मेरी कश्मकशें......

तेरी जीत में मेरा जश्न है,
तेरा आसमान मेरी बेहदें,
एक अर्थ के दो भाग हैं,
हम एक जननी के जने.....................

दृश्य

जोड़ी अच्छी है  लड़के ने पढ़ी दुर्गासप्तशती  पत्नी मनोरमाम देही, मनोवृतानुसारिणिम  लड़की ने पढ़ा संविधान  अनुच्छेद 14, 19 और 21  ...