जोड़ी अच्छी है
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लड़के ने पढ़ी दुर्गासप्तशती
पत्नी मनोरमाम देही, मनोवृतानुसारिणिम
लड़की ने पढ़ा संविधान
अनुच्छेद 14, 19 और 21
कि मन, प्राण, देह और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबको है
पंडित ने कहा कुंडली मिल गई
घर वालों ने कहा जोड़ी अच्छी है
लोग जीम कर चले गए।।
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संस्कार
एक ने पहनी थी लूंगी और बनियान,
एक ने पहने जॉकी के शॉर्ट्स और टीशर्ट
तीसरे ने मां का लाया बरमूडा और कॉलर वाली टीशर्ट
गर्मियों की एक शाम को कूलर के सामने लगी थी बैठक
गपशप की, चाय नाश्ता किया,
मनु के नियम दोहराए गए थोड़ी ऊंची आवाज में।
सबने माना कि चाय अच्छी बनी है,
लेकिन कुछ कम है बहू में संस्कार,
उसका घूंघट इधर उधर हो जाता है कई बार।।
बलात्कार
हो सकता है कि एक दिन उसका बलात्कार हो जाए,
ऐसा कहीं भी और कभी भी हो सकता है,
कोई भी कर सकता है,
घर और बाहर की तमाम सतर्कताओं के बावजूद हो सकता है,
वह शपथ लेती है कि
उस दिन किसी के पास रोने नहीं जाएगी,
लेकिन कोई चाहे यह ना चाहे
वह अपना हर कदम अब आगे बढ़ाएगी ।।